जयपुर। सरकारी विभाग में चपरासी बनने के लिए भले ही ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट भी आवेदन करते हों, लेकिन जरूरतमंद यह पद पाने में विफल रहते हैं। वह इसलिए क्योंकि उनमें से ज्यादातर पांचवीं या आठवीं तक ही पढ़े होते हैं।
अब राजस्थान सरकार ने चपरासी बनने के लिए भी दसवीं पास को ही नौकरी देने का फैसला किया है। इसके लिए भी प्रतियोगिता होगी।
सरकारी विभागों में अब चतुर्थ श्रेणी पद पर नियुक्ति के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं कक्षा पास होना अनिवार्य हो जाएगा। यानी शैक्षणिक योग्यता कनिष्ठ लिपिक (एलडीसी) के बराबर होगी। हालांकि एलडीसी के लिए कम्प्यूटर पाठ्यक्रम भी पिछले 2 वर्ष से अनिवार्य कर दिया गया है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता अब तक 5वीं उत्तीर्ण थी। कार्मिक विभाग में इसे बदलने की कवायद अंतिम चरण में चल रही है। 15 अगस्त बाद प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भिजवाया जाएगा। कार्मिक विभाग का तर्क है बदलते जमाने में शिक्षा का स्तर ऊंचा होने से समय-समय पर शैक्षणिक योग्यताओं में बदलाव किया जाता रहा है।
राज्य में न्यूनतम मान्यता प्राप्त परीक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा है। पांचवी तक की अंकतालिकाओं को न तो लोग संभाल कर रखते हैं और न ही उनकी कोई वैधता होती है।
यह होंगे लाभ
- लोगों में पढ़ने के प्रति ललक बढ़ेगी। विद्यार्थियों की ड्रॉप आउट दर में भी कमी होगी।
- सूचना का अधिकार, सेवा के प्रदान की गारंटी, सुनवाई का अधिकार जैसे कानून लागू होने से सरकारी विभागों के काम को जानने-समझने वाले चपरासी जरूरत बन गए हैं।
- सरकारी विभागों को अपेक्षाकृत अधिक योग्य लोग मिल सकेंगे।
- दसवीं कक्षा तक पढ़े-लिखे और पांचवीं, आठवीं तक पढ़े-लिखे लोगों में सामाजिक भेद प्रकट हो सकेगा। अभी तो सभी बराबर हैं।
चपरासी के पदों की कुल संख्या में से 25 प्रतिशत को क्लर्क की पदोन्नति दी जाती है। उन्हीं लोगों को लाभ मिल पाता है, जो दसवीं कक्षा पास हों। इसके अभाव में लोग चपरासी पद पर भर्ती होकर वहीं से सेवानिवृत्त हो जाते हैं। उन्हें पदोन्नति के लिए बेहतर अवसर देने के लिए यह कवायद की जा रही है। समाज में हो रहे बदलावों को ध्यान में रखते हुए ऎसा करना जरूरी हो गया है।
-सुदर्शन सेठी, प्रमुख कार्मिक सचिव।
280 पदों के आए थे पौने दो लाख आवेदन
सचिवालय सेवा के तहत दो वर्ष पहले चपरासियों के करीब 280 पदों पर आवेदन मांगे थे। पांचवीं कक्षा पास करने की योग्यता के चलते पौने दो लाख आवेदन आ गए। अब तक डेढ़ लाख आवेदन पत्रों की छंटनी हो पाई है। यह भर्ती कर पाना ही मुश्किल हो चला है। इनमें से आधे आवेदक ही 10वीं पास हैं। भविष्य की भर्तियों में आवेदकों की संख्या को सीमित रखने के लिए यह कवायद की गई।
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